सीधी जिले में जैविक खेती के विकास की संभावनाओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors

  • Ms. Jyoti Soni Research Scholar, Dept. of Geography, Sanjay Gandhi Memorial Government PG College, Sidhi (M.P.), India
  • Dr. R. P. Singh Additional Director, Higher Education, Rewa and Shahdol Division

Abstract

सीधी जिले में जैविक खेती के विकास की संभावनाओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन एक महत्वपूर्ण अनुसंधान कार्य है, जिसका उद्देश्य जिले में जैविक कृषि के प्रसार, इसकी उपयुक्तता तथा इससे जुड़ी भौगोलिक विशेषताओं का विश्लेषण करना है। सीधी जिला जो मध्यप्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है, यहाँ की जलवायु, मिट्टी की बनावट, जल स्रोतों की उपलब्धता एवं पारंपरिक कृषि पद्धतियाँ जैविक खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। इस अध्ययन में क्षेत्रीय किसान रासायनिक खादों और कीटनाशकों के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक हो रहे हैं और धीरे-धीरे जैविक विधियों से खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। अध्ययन से यह भी ज्ञात होता है कि पर्वतीय तथा पठारी भागों में वर्षा आधारित कृषि को जैविक स्वरूप देना अपेक्षाकृत सरल है। इसके अतिरिक्त, जिले में पशुपालन और वर्मी कंपोस्ट जैसी सहायक गतिविधियाँ जैविक कृषि को प्रोत्साहित कर सकती हैं। यद्यपि आधारभूत संरचना, प्रशिक्षण एवं विपणन की सुविधाओं की कमी समस्यायें प्रस्तुत करती हैं, फिर भी सरकारी योजनाओं, गैर-सरकारी संस्थाओं और स्थानीय पहल के सहयोग से सीधी जिले में जैविक खेती के व्यापक विकास की प्रबल संभावनाएँ विद्यमान हैं।

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Published

2026-08-21

How to Cite

Soni, J., & Singh, R. P. (2026). सीधी जिले में जैविक खेती के विकास की संभावनाओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन . AGPE THE ROYAL GONDWANA RESEARCH JOURNAL OF HISTORY, SCIENCE, ECONOMIC, POLITICAL AND SOCIAL SCIENCE, 7(8), 7–14. Retrieved from https://www.agpegondwanajournal.co.in/index.php/agpe/article/view/498